بچے کھچے بھی مرے نقشِ پا مٹا لینا
تمہارے شہر سے میں نے اب اور کیا لینا
बचे-खुचे भी मिरे नक़्श-ए-पा मिटा लेना
तुम्हारे शहर से मैंने अब और क्या लेना
ہماری جانِ حزیں اور قلبِ نا خوش کو
بس آج بخش دو تم ، پھر کبھی ستا لینا
हमारी जान-ए-हज़ीं और क़ल्ब-ए-ना-ख़ुश को
बस आज बख़्श दो तुम, फिर कभी सता लेना
گزارش اتنی سی ہے اے ہوائے فصلِ بہار
اُس ایک ہمدمِ دیرینہ کا پتا لینا
गुज़ारिश इतनी सी है ऐ हवा-ए-फ़स्ल-ए-बहार
उस एक हमदम-ए-देरीना का पता लेना
عذابِ گردشِ دوراں کے جامِ تلخ میں آج
غموں کے زہرِ ہلاہل کو بھی ملا لینا
अज़ाब-ए-गर्दिश-ए-दौराँ के जाम-ए-तल्ख़ में आज
ग़मों के ज़हर-ए-हलाहिल को भी मिला लेना
تم ایک چال مجھے چلنے تو دو میرے رقیب
مری تباہی کا پھر بیٹھ کر مزا لینا
तुम एक चाल मुझे चलने तो दो मेरे रक़ीब
मिरी तबाही का फिर बैठ कर मज़ा लेना
کل اک بزرگ نے ہم کو کہا کہ جیتے رہو
بس ان دعاؤں سے یا رب ہمیں بچا لینا
कल इक बुज़ुर्ग ने हम को कहा कि जीते रहो
बस इन दुआओं से या रब हमें बचा लेना
خیالِ عہدِ گزشتہ سے خود کو اب سمرن
کبھی ہنسا ، کبھی بہلا ، کبھی رلا لینا
ख़्याल-ए-अहद-ए-गुज़श्ता से ख़ुद को अब सिमरन
कभी हँसा, कभी बहला, कभी रुला लेना
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