Sunday, November 29, 2020

چشمِ نم سے یہ صاف ہے جاناں 
قہرِغم دل شگاف ہے جاناں 

चश्म-ए-नम से ये साफ़ है जानाँ
क़हर-ए-ग़म दिल शिगाफ़ है जानाँ

گلہ دنیا سے کیا کہ مجھ سے تو  
مجھے بھی اختلاف ہے جاناں 

गिला दुनिया से क्या कि मुझ से तो
मुझे भी इख़्तिलाफ़ है जानाँ

بے وفائی ، جفا ، تغافل ، ظلم 
تم کو سب کچھ معاف ہے جاناں 

बे वफ़ाई, जफ़ा, तग़ाफ़ुल, ज़ुल्म
तुम को सब कुछ मुआफ़ है जानाँ

ساتھ ہیں دو جہاں تو کیا حاصل 
جب تُو میرے خلاف ہے جاناں

साथ हैं दो जहाँ तो क्या हासिल
जब तू मेरे ख़िलाफ़ है जानाँ

دہر ہے ایک کوئے جور و ستم 
زیست اِس کا طواف ہے جاناں 

दहर है एक कू-ए-जौर-ओ-सितम
ज़ीस्त इस का तवाफ़ है जानाँ

گرد آلود ہے لبادہ مگر 
دل کا آئینہ صاف ہے جاناں

 गर्द-आलूद है लिबादा मगर
दिल का आईना साफ़ है जानाँ

آج سمرن نے جرمِ الفت کا 
کر لیا اعتراف ہے جاناں

आज सिमरन ने जुर्म-ए-उल्फ़त का
कर लिया ए'तिराफ़ है जानाँ

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